Thursday, April 9, 2020

जब कंधे में कुछ समस्या होती है, तो कंधे के हिलने-ढुलने में बाधा उत्पन्न होने लगती है। दर्द और बेचैनी के अलावा इससे आपके जीवन में और कई परेशानियां हो सकती हैं। कंधे से संयुक्त या अन्य मांसपेशियो, स्नायुबंधन और/या कंधे से कंधे क्षेत्र के चारों ओर से उत्पन्न हो सकती है। कंधे से जुड़ा हुआ कंधे का दर्द आमतौर पर इस लक्षण वाले व्यक्ति के कंधे या ऊपरी बांह की आवाजाही के कारण बिगड़ता है।

अकसर लोग दर्द को नजरअंदाज करना ही उचित समझते हैं। पर वास्तव में दर्द किसी भी तरह का हो, उसे नजरअंदाज नहीं बल्कि उसका इलाज करना चाहिए। यूं तो व्यक्ति को कई तरह के शारीरिक दर्द से अकसर दो चार होना पड़ता है। इन्हीं में से एक है कंधे का दर्द। कभी अत्यधिक काम तो कभी अनावश्यक का तनाव, कंधे में दर्द की वजह बनता है

मालिश देगी आराम –
कंधे में दर्द होने पर मालिश करना एक अच्छा विचार है। इससे मांसपेशियों को आराम मिलता है, जिससे कंधे के दर्द से छुटकारा मिलता है। मालिश करने से शरीर में रक्त प्रवाह भी बेहतर होता है। कंधे के दर्द से आराम दिलाने के लिए लैवेंडर के तेल की मालिश करना एक बेहतरीन ऑप्शन है।

तकिए का इस्तेमाल –
सोते समय तकिए का इस्तेमाल तो अधिकतर लोग करते हैं लेकिन क्या आप इस बात से वाकिफ हैं कि आपका तकिया भी कंधे के दर्द का एक प्रमुख कारण बन सकता है। कंधे के दर्द से बचने के लिए तकिए को सही तरह से गर्दन के नीचे रखें। इसके अतिरिक्त तकिए के चुनाव में भी सावधानी बरतें। तकिया बहुत अधिक ऊंचा या सख्त नहीं होना चाहिए। इससे गर्दन व कंधे में दर्द की शिकायत होती है।

सेंधा नमक –
सेंधा नमक कंधे के दर्द को दूर करने में मदद करता है। इससे रक्त परिसंचरण सुधरता है और कंधे की मांसपेशियों को आराम मिलता है। ये शरीर की थकान को दूर करता है। उन्हें पानी को हल्का गर्म करके उसमें दो चम्मच सेंधा नमक डालकर उससे नहाना चाहिए। इस प्रक्रिया को हफ्ते में तीन बार ज़रूर करें।

Exercise:- 1
सबसे पहले आप खड़े हो जाएँ,अपने घुटनों को मोड़े और बाएँ पैर को उठा कर दाहिने पैर के ऊपर घुमा ले ,दाहिना पैर जमीन पर टिका हो और बायाँ जांघ दाहिने जांघ के ऊपर हो ( जैसा फोटो में ) , बाएँ पैर की उंगलिया जमीन की ओर होनी चाहिए , इस प्रकार आप अपने हाथो को भी रखे । दाहिने हाथ को बाएँ हाथ के ऊपर क्रॉस करें और अपने कोहनी को जमीन से ९० डिग्री के कोण में मोड़े I ध्यान दें की हाथों के पिछले हिस्से एक दुसरे की ओर हों ,धीरे से हाथों को इस तरह घुमाएँ की हथेलियाँ एक दुसरे के सामने आ जाये ,हथेलियों को एक दुसरे के ऊपर दबाते हुए उन्हें ऊपर की ओर उठाएं ,अपनी दृष्टी को स्थिर रखते हुए इसी स्थिती में बने रहें और साँस लेते रहें जैसा करने से कंधों को और पीठ के ऊपरी भाग को खींचता है। कंधों को ढीला करके तनाव दूर करता है।

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Exercise:- 2
पैरों को सामने की ओर सीधा फैलाते हुए बैठ जाएँ, पैरों को साथ में रखें, रीढ़ की हड्डी को सीधा रखें। हथेलियों को जमीन पर रखें,कमर के पास या कन्धों के पास, उँगलियों के सिरे शरीर से दूर, बाजुओ को सीधा रखें। पीछे की ओर झुकें और हाथों से शरीर के वजन को सहारा दे। घुटनो को सीधा रखें,पाँव को ज़मीन पर टीकाएँ, पंजो को जमीन पर रखें ,ऐसा करने पर तलवा जमीन पर ही रहेगा,सिर को ज़मीन की ओर पीछे जाने दें। कंधों छाती और गर्दन को खींचता है। कंधों, पीठ, टखनों और कलाइयों को मजबूत करता है।

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Exercise:- 3
इस प्रकिया में आप जमीन पर लेट जाये और अपने हाथो से अपने पैर को पकडे यह छाती, गर्दन और कंधों को खोलता है। तनाव को तथा थकान को दूर करता है।

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