Friday, September 25, 2020
Rajma khane ke labh | राजमा खाने के लाभ

जायकेदार व्यंजनों की दुनिया में राजमा अहम स्थान रखता है। इसे बीन्स की श्रेणी में रखा जाता है और विश्व भर में इसका सेवन किया जाता है। अगर भारत की बात करें, तो यहां राजमा-चावल के शौकीन लोगों की कमी नहीं है। राजमा-चावल का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। यह तो रही राजमा के स्वाद की बात, वहीं अगर इसके गुणों की बात करें, तो यह कई बीमारियों में हमारी मदद कर सकता है। इस लेख में जानिए स्वास्थ्य के लिए राजमा के फायदे और इसके सेवन के विभिन्न तरीकों के बारे में।
राजमा, प्रोटीन का भंडार है। आपको जानकर हैरानी होगी कि आपके इस पसंदीदा व्यंजन में सोयाबीन से भी ज्यादा प्रोटीन पाया जाता है। इसके अलावा यह मैग्नीशियम, कार्बोहाइड्रेट, फास्फोरस, विटामिन बी9, आयरन एवं अन्य जरूरी पोषक तत्वों से भी भरपूर है।
राजमा अपने विशिष्‍ट स्‍वाद और बनावट के कारण बहुत ही लोकप्रिय हैं, ये गहरे लाल रंग और गुर्दे के आकार के होते है। राजमा पोटेशियम, मैग्‍नीशिम, लोहा और प्रोटीन से भरे हुए हैं इसलिए यह शाकाहारी व्यक्तियों के लिए प्रोटीन का एक अच्छा विकल्प होता है। राजमा में कई रोग-विरोधी एंटीऑक्‍सीडेंट हैं जो हमें स्‍वस्‍थ्‍य और हमारी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करते है।

राजमा खाने के महत्वपूर्ण लाभ

1.वजन को लेवल में करने के लिए
राजमा के गुण वजन घटाने में सहायक माने जाते हैं। राजमा में फाइबर पर्याप्त मात्रा में होता है। फाइबर वजन को नियंत्रित करने का काम करता है। रिपोर्ट के अनुसार, फाइबर युक्त खाद्य पदार्थ शरीर में अतिरिक्त कैलोरी बढ़ाए बिना पेट को भरने का काम करते हैं। इसलिए, फाइबर युक्त राजमा मोटापे से निजात पाने में आपकी मदद कर सकता है

2.प्रोटीन की अधिक मात्रा
राजमा में अधिक मात्रा में प्रोटीन होता है. जो लोग नॉनवेज नहीं खाते है, उनके लिए राजमा प्रोटीन का अच्छा स्त्रोत्र होता है. राजमा को चावल के साथ खाने से यह एक अच्छी मील बन जाती है और ये शरीर को सारे पोषक तत्व देती है.

3.हड्डियों को मजबूत करने में
हड्डियों को मजबूत बनाने के लिए कैल्शियम की आवश्यकता होती है। राजमा में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो हड्डियों को मजबूत करने में काफी मदद करते हैं।राजमा खाने के तरीके को सही से अपने दैनिक जीवन में शामिल किया जाए, तो यह बहुत लाभकारी होता है।

4.फाइबर मल को नर्म करने में
अघुलनशील आहार फाइबर मल को नर्म करता है जिससे मल आसानी से पारित हो जाता है। राजमा आँतो के कार्यों को अच्छे से करने के लिए सुनिश्चित करता है और कब्ज से राहत में मदद करता है।

5.हदय रोग में लाभदायक
राजमा में फाइबर बहुत अधिक होता है जो कोलेस्‍ट्रोल को कम करता है, साथ ही साथ इसमें फोलट होमोकिस्‍टी के स्‍तर को कम करने की क्षमता होती है जो स्‍ट्रोक, हृदय रोगों और संबहनी रोगों के जोखिम को कम कर सकता है इसमें मैग्‍नीशियम भी शामिल हैं जो काडियोवास्‍कुलर सिस्‍टम के स्‍वस्‍थ कार्यों में सहायक होता है। इसलिए यदि आप ह्रदय को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो राजमा का सेवन जरूर करें।

6.आयरन ऊर्जा बढ़ोतरी
शरीर को आयरन की आवश्यकता होती है, जिससे शरीर के अंदर हीमोग्लोबीन बनता है। इसके लिए आप राजमा का सेवन कर सकते हैं। राजमा में आयरन की मात्रा पाई जाती है , जिससे हीमोग्लोबीन का स्तर बेहतर होता है और शरीर में ऊर्जा की मात्रा बढ़ती है। साथ ही राजमा में प्रोटीन पाया जाता है, जिससे कोशिकाओं का निर्माण होता है। ऐसे में अगर राजमा का सेवन नियमित रूप से किया जाता है, तो शरीर में ऊर्जा की मात्रा बनी रहती है।

7.वृद्धा अवस्था से दूर रखे
यदि आप को लगे कि आप समय से पहले ही बुढ़ापे का शिकार हो रहे है तो घबराए नहीं आयुर्वेद में इसका भी इलाज छिपा है, इसके लिए आपको अपने भोजन में राजमा को भी स्‍थान देना होगा। क्‍योकि इसमे एंटी आक्सिडेंट भरपूर होते है। जो कि आपकी बढ़ती हुई उम्र को रोकने और आंतरिक कोशिकाओं को पोषण देने का काम करती है। यह आपको त्‍वचा और शरीर की अन्‍य समस्‍याओं से भी बचा सकता है।

8.कैंसर से बचाने में
राजमा के फायदे कैंसर की बीमारी में भी उपयोगी होते हैं। राजमा खाने से शरीर के अंदर बायोएक्टिव यौगिक की पूर्ति होती है, जो कैंसर से बचाने में मदद करता है। साथ ही इससे कई पुरानी बीमारियां भी अपने आप ठीक हो सकती हैं। अगर राजमा के साथ एंटीऑक्सीडेंट युक्त अन्य कोई खाद्य पदार्थ लिया जाए, तो यह शरीर में होने वाली ऑक्सीडेशन की प्रक्रिया को कम कर देता है और कैंसर जैसे बीमारी को धीरे-धीरे कम कर देता है

9.मधुमेह के उपचार में 
कम ग्लिसेमिक सूचकांक के कारण राजमा मधुमेह के लिए एक स्वस्थ विकल्प है। कम ग्लिसेमिक सूचकांक शरीर के शर्करा स्तर को संतुलित बनाए रखता है। इससे मधुमेह के विकास के जोखिम भी कम हो जाते हैं।

10.रक्‍तचाप संबंधी रोगों से बचाव
राजमा के उपयोग से रक्‍तचाप संबंधी रोगों से बचाव किया जा सकता है। राजमा में उपस्थित फाइबर आपके शरीर में रक्‍त कोलेस्‍ट्रॉल का स्‍तर कम कर सकते है यह आपकी आंत में पित्‍त एसिड के साथ फाइबर के संयोजन के लिए आवश्यक होता है। शरीर में कोलेस्‍ट्राल बनने के लिए पित्‍त एसिड की आवश्‍यक्‍ता होती है राजमा एसिड की उपलब्धता को कम कर देता है, जिससे उच्‍च रक्‍तचाप का खतरा कम हो जाता है।
इसके साथ ही राजमा में पोटेशियम भी पाया जाता है, जो एक महत्वपूर्ण वैसोडिलेटर है जो हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। यह ह्रदय पर तनाव को कम करके और रक्त वाहिकाओं और धमनियों को आराम देने में मदद करता है इसके साथ ही पोटेशियम दिल का दौरा, स्ट्रोक और कोरोनरी हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है

11.बच्चो के लिए लाभदायक
बच्चो के लिए राजमा फायदेमंद होता है क्योंकि इसमें प्रोटीन, फाइबर और आयरन अधिक मात्रा में पाया जाता हैं। और ये खाने में भी नरम और चबाने आसान होते है इसलिए बच्चे इसे आसानी से चबा लेते हैं।

Tags: , , , , , , , ,
Avatar

0 Comments

Leave a Comment

FOLLOW US

GOOGLE PLUS

PINTEREST

INSTAGRAM

YOUTUBE

Advertisement

RECENTPOPULARTAG