Friday, December 4, 2020
kathal khane ke labh va fayde

कटहल एक अनूठा उष्णकटिबंधीय फल है जो सब्जियों के लिए अधिक लोकप्रिय है। पेड़ पर होने वाले फलों में कटहल का फल दुनिया में सबसे बड़ा होता है और इसकी चमकीली पीली खाद्य सामग्री बहुत मीठी और रसदार होती है। इसमें पाए जाने वाले बीज बड़े पैमाने पर स्टार्च और प्रोटीन से बने होते हैं। यह फल एशियाई देशों में लोकप्रिय है और ज्यादातर गर्मियों के दौरान होता है। जब कटहल कच्चा होता है तब उसे सब्जी के रूप में खाया जाता है। कटहल के पकने पर उसके अंदर के कोवा को निकाल कर फल के रूप में खाया जाता है। साथ ही पके हुए कटहल के बीजों को भी खाया जाता है और उसके बीच वाले भाग को सब्जी के रूप में खाया जाता है। वहीं कुछ लोग इसे देखना तक पसंद नहीं करते। लेकिन इसके गुणकारी लाभ जानकर आप इसे आजमाएं बिना नहीं रह सकते। सब्जी, अचार और पकौड़े के अलावा इसे तल कर भी खाया जाता है।

कटहल विटामिन,मिनरल,फाइटोन्यूट्रिएंट, कार्बोहाइड्रेट, इलेक्ट्रोलाइट, फाइबर, फैटथाइमिन, पोटैशियम, कैल्‍शियम, राइबोफ्लेविन, आयरन, नियासिन और जिंक और प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें पाये जाने वाले पोषक तत्व शरीर को कई बीमारियों से दूर रखते हैं और सेहत को स्वस्थ रखने में सहायता करते हैं। यही नहीं इसमें खूब सारा फाइबर भी पाया जाता है कटहल का वानस्पतिक नाम आर्टोकार्पस हेटेरोफिल्लस है। कुछ लोग तो इसे नॉनवेज का ऑप्शन भी मानते हैं। इसलिए यह कई तरह से शरीर के लिए फायदेमंद रहता है।आगे देखेंगे कटहल के फायदे और लाभ जो इस प्रकार है ।

कटहल खाने के लाभ व फायदे

दृष्टि में सुधार

कटहल में मौजूद विटामिन ए आंखों के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व होता है। यह विटामिन दृष्टि में सुधार करता है और मोतियाबिंद, रात का अंधापन, धब्बेदार अध: पतन और मोतियाबिंद को रोकने में मदद करता है।

विटामिन ए भी श्लेष्म झिल्ली को मजबूत करने में मदद करता है जो कॉर्निया पर एक परत बनाता है, इस प्रकार यह बैक्टीरिया और वायरल संक्रमणों से आँखों की रक्षा करते हैं। कटहल में विटामिन सी स्वस्थ केशिका को बढ़ावा देता है और रेटिना कोशिकाओं के उचित कार्य को बनाए रखने में मदद करता है। इसमें ल्यूटिन और ज़ेक्सैथीन भी शामिल हैं जो आंखों के लिए अच्छे हैं।

हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभदायक 

हृदय स्वास्थ्य के लिए कटहल का सेवन किया जा सकता है। वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि कटहल में मौजूद विटामिन-सी सूजन को रोक सकता है, जो हृदय रोग जैसी घातक बीमारियों का कारण बन सकता है (1) (2), (3)। इसके अलावा, इस फल में मौजूद पोटैशियम रक्तचाप को नियंत्रित कर दिल के दौरे को रोक सकता है। कटहल में विटामिन-बी होमोसिस्टीन के स्तर को कम कर सकता है। होमोसिस्टीन वो तत्व है, जो हृदय के जोखिम को बढ़ा सकता है (3)। साथ ही इस फल में मौजूद आयरन हृदय को मजबूत रखता है।

रक्तचाप नियंत्रित करने में

आपको बता दें कि कटहल में पोटैशियम पाया जाता है जो शरीर में सोडियम के स्तर को बनाए रखने में सहायक होता है। पोटैशियम का अच्छा स्तर शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के संतुलन के लिए द्रव के लेवल को संतुलित बनाने में मदद करता है। इसलिए उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक और दिल के दौरे को नियंत्रित करने के लिए कटहल का उपयोग किया जाता है।

दूर भगाए अस्‍थमा, थायराइड और इंफेक्‍शन

कटहल की जड़ अस्‍थमा के रोगियों के लिए लाभदायक मानी जाती है. इसकी जड़ को पानी के साथ उबाल कर बचा हुआ पानी छान कर लेने से अस्‍थमा को कंट्रोल किया जा सकता है. थायराइड के लिए भी कटहल उत्तम है. इसमें मौजूद सूक्ष्म खनिज और कॉपर थायराइड चयापचय के लिये प्रभावशाली होता है. यहां तक कि यह बैक्‍टेरियल और वाइरल इंफेक्‍शन से भी बचाता है.

पाचन क्रिया को दुरुस्त करे

कटहल का सेवन करने वालों को अल्सर और पाचन से जुड़ी समस्याएं नहीं होतीं. इसमें भरपूर रेशे होते हैं, जो कब्ज की समस्या से दूर रखते हैं. कटहल की पत्तियों से बना चूरन पेट के रोगियों के लिए बहुत गुणकारी होता है. अल्सर के इलाज के लिए इसके पेड़ की पत्तियों को धोकर सुखा लें, सूखने पर इसका चूरन तैयार करें. अल्सर से ग्रस्त रोगी को इस चूरन को खिलाएं. जल्दी आराम मिलेगा.

शरीर का ऊर्जा स्तर बढ़ाएँ

कटहल एक ऊर्जा पैदा करने वाला फल भी है। इसमें फर्कटोज़ और सुक्रोज़ जैसे सरल शर्करा शामिल हैं जो रक्त में शर्करा के स्तर को प्रभावित किए बिना आपके शरीर में त्वरित ऊर्जा को बढ़ावा देते हैं। इसमें संतृप्त वसा या कोलेस्ट्रॉल शामिल नहीं है।

यह चयापचय भी बढ़ाता है, जो आपके शरीर को ऊर्जा प्रदान करने के लिए तेजी से कैलोरी को बर्न करने में मदद करता है। इसके अलावा इसकी उच्च जल सामग्री आपके ऊर्जा स्तर को उच्च स्तर पर रखती है। एक कप कटहल का आपके आहार में बहुत अच्छा रहता है, खासकर यदि आप खेल या अन्य गतिविधियों में शामिल हैं जिसके लिए आपको लगातार ऊर्जा की अच्छी आपूर्ति की आवश्यकता होती है।

वजन घटाने में लाभदायक

मोटापा दुनिया भर में प्रमुख स्वास्थ्य खतरे के रूप में उभरा है। शरीर में अत्यधिक फैट का जमाव मोटापे को परिभाषित करता है। मोटापा कई मामलों में हानिकारक हो सकता है, क्योंकि यह हृदय संबंधी बीमारियों, मधुमेह व कैंसर आदि का कारण बन सकता है। कटहल विटामिन-सी से समृद्ध होता है, इसलिए यह मोटापे को कम करने में मदद कर सकता है।कटहल में मौजूद एंटीइंफ्लेमेटरी गुण मोटापे को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कटहल रेसवेरेट्रॉल नामक एंटीऑक्सीडेंट का अच्छा स्रोत है, जो वजन, बीएमआई और फैट मास को कम करने में मदद कर सकता है।

यौन क्षमता बढ़ाने में फायदेमंद

यौन संबंधी बीमारियों के दूर करने के लिए कटहल का उपयोग हमेशा से किया जात रहा है। वास्तव में कटहल को कामोत्तेजक माना जाता है जो यौन क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। इसका कारण यह है कि कटहल में भरपूर आयरन मौजूद होता है जो यौन क्षमता को बढ़ाने के साथ ही उत्तेजित करने में भी मदद करता है। इसलिए कटहल के बीज का इस्तेमाल यौन क्षमता सुधारने और जनन शक्ति बढ़ाने में किया जाता है। कटहल के गूदे के बीच से इसके बीजों को निकालकर साफ कर लें और फिर इसे उबालकर खाने से यौन शक्ति बढ़ती है।

मुंह के छालों में असरदार

जिन लोगों को मुंह में बार-बार छाले होने की शिकायत हो, उन्हें कटहल की कच्ची पत्तियों को चबाकर थूकना चाहिए. यह छालों को ठीक कर देता है. इसमें पाए जाने वाले कई खनिज हार्मोन्स को भी नियंत्रित करते

चेहरे पर रंगत लाए

कटहल के बीजों को सुखा लें. अब इनका चूर्ण बनाकर उसमें थोड़ा शहद मिला लें. शहर मिलाने के बाद बने लेप को अपने चेहरे पर 10-15 मिनट के लिए लगा लें. ऐसा करने के बाद चेहरे को गुनगुने पानी और फेशवाश से साफ कर लें. ऐसा करने से चेहरे के दाग-धब्बे साफ हो जाते हैं. अगर आपका चेहरा रुखा और बेजान है तो आपके लिए कटहल का रस चेहरे पर लगाना फायदेमंद रहेगा. कटहल के रस को लगाकर चेहरे की मसाज करें, कुछ ही दिन में फायदा दिखाई देगा.

हड्डियों को मजबूत रखे

कटहल मैग्नीशियम में समृद्ध है, एक पोषक तत्व जो कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। मैग्नीशियम और कैल्शियम हड्डियों को मजबूत करने के लिए एक साथ काम करते हैं और अस्थि-संबंधी विकारों जैसे ऑस्टियोपोरोसिस को रोकते हैं।इसके अलावा, पोटेशियम कैल्शियम के नुकसान को रोकता है और हड्डियों में कैल्शियम घनत्व में सुधार करता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता

शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए कटहल के फायदे बहुत हैं। कटहल में विटामिन-सी होता है, जो शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने का काम करता है। विटामिन-सी कारगर एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य कर इम्यून सिस्टम को स्वस्थ रखता है और शरीर को रोगों से दूर रखने में मदद करता है।

अधिक प्रोटीन के लिए फायदेमंद

कटहल के बीज में अधिक मात्रा में प्रोटीन पाया जाता है। यह अलग-अलग तरह के डिशेज (dishes) को बनाने में प्रयोग किया जाता है। नियमित दाल की जगह आप कटहल के बीज का सेवन करके पर्याप्त प्रोटीन प्राप्त कर सकते हैं। यह शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

दिल को रखे सेहतमंद

कटहल में कैलोरी नहीं होती है, ऐसे में यह हार्ट से जुड़ी कई बीमारियों में भी फायेमंद होता है. इसके अलावा इसमें पोटेशियम भी पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है, इसलिए भी इसका सेवन दिल की समस्‍या को दूर करता है. कटहल का सेवन हाई ब्लड प्रेशर से भी राहत दिलाता है.

लोहे की कमी को पूरा करें

लोहे की कमी के कारण एनीमिया को रोकने के लिए कटहल काफ़ी फायदेमंद है। यह लोहे की अच्छी मात्रा प्रदान करता है और लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को बढ़ाता है।इसकी उच्च विटामिन सी सामग्री शरीर में लोहे का अवशोषण भी सुधारती है। अन्य खनिज जैसे तांबे और मैग्नीशियम रक्त की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद करते हैं। पोषण प्रदान करने के अतिरिक्त, यह रक्त की आपूर्ति को पूरे शरीर में ऑक्सीजन के द्वारा पूरी करने में मदद करता है, जिससे एनीमिया के लक्षणों को कम करने में मदद मिलती है जैसे सुस्ती, निरंतर थकान और पीला रंग आदि।

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