Saturday, October 31, 2020
जामुन खाने के लाभ क्या-क्या है ?

जामुन एक बहुत ही महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक हर्ब है। भारत पहले जम्बुद्वीप कहलाता था – एक ऐसा द्वीप जहाँ जम्बू पेड़ यानी जामुन के पेड़ प्रचुर मात्रा में हैं। जामुन का वानस्पतिक नाम सिजिगियम क्युमिनी या यूजेनिया जंबोलाना या मिरटस क्युमिनी है। यह जंबुल के रूप में भी जाना जाता है।
जामुन कम समय के लिए आने वाला लेकिन बेहद लाभदायक फल है। इसका सेवन करने से बॉडी की इम्यूनिटी सिस्टम मजबूत होता है। यौन तथा स्मरण शक्ति और उल्टी -दस्त के उचार में इसका उपयोग किया जाता है|
अगर आप ब्लड शुगर से परेशान है तो आप स्वाद के साथ साथ शुगर भी कण्ट्रोल कर सकते है स्वाद में अच्छा लगने वाला जामुन शुगर के साथ साथ कई बीमारियों को रोकता है या कण्ट्रोल करता है जामुन एक मौसमी फल है,
इसके पीछे भी एक कारण है जामुन लू लग जाने पर उसे दूर करने में काफ़ी मदद करता है। इसमें विटामिन बी और आयरन पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसको खाने से कैंसर, मुँह के छाले आदि रोगों से छुटकारा मिलता है। अगर आपको रोग मुक्त होना है तो जामुन को नमक मिला कर खाइए।इसके अलावा कई गंभीर बीमारियों से भी बचाता है।
जानिए इसको खाने से होने वाले बेहतरीन फायदों के बारें में।

जामुन खाने के फायदे

1.यौन तथा स्मरण शक्ति और उल्टी -दस्त के उचार में

बहुत कम लोग जानते हैं कि इसके प्रतिदिन उपयोग से यौन तथा स्मरण शक्ति बढ़ जाती है। जामुन के एक किलोग्राम ताजे फलों का रस निकालकर ढाई किलोग्राम चीनी मिलाकर शरबत जैसी चाशनी बना लें। इसे एक ढक्कनदार साफ बोतल में भरकर रख लें।
जब कभी उल्टी-दस्त या हैजा जैसी बीमारी की शिकायत हो, तब दो चम्मच शरबत और एक चम्मच अमृतधारा मिलाकर पिलाने से तुरंत राहत मिल जाती है।

2.गठिया के उपचार में

गठिया के उपचार में भी जामुन बहुत उपयोगी है। इसकी छाल को खूब उबालकर बचे हुए घोल का लेप घुटनों पर लगाने से गठिया में आराम मिलता है। इसमें उत्तम किस्म का शीघ्र अवशोषित होकर रक्त निर्माण में भाग लेने वाला तांबा पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है।

3.त्वचा से सफ़ेद दाग निकलने में

जामुन त्वचा का रंग निखारने में भी बहुत लाभदायक माना जाता है। जिन लोगों को सफेद दाग हैं उनके लिए जामुन बहुत ही फायदेमंद होता है। जामुन का पेस्ट बना कर उसे अपने सफेद दागों पर लगाएं, इससे आपके दाग हल्के पड़ने लगेंगे और थोड़े समय बाद हट जाएँगे।

4.शुगर और डायबिटीज के उपचार में

जामुन में पाया जाने वाला ग्लूकोज और फ्रक्टोज के रूप में मिलने वाली शुगर आपके शरीर को हाईड्रेट करने के साथ ही कूल और रिफ्रेश भी करता है। जिससे शुगर कंट्रोल रहती है। डायबिटीज के रोगी जामुन की गुठलियों को सुखाकर, पीसकर उनका सेवन करें। इससे शुगर का स्तर ठीक रहता है।

5.एसिडिटी समस्या के उपचार में

एसिडिटी की समस्या से छूटकारा पाने के लिए काले नमक में भुना जीरा मिलाकर पीस लें और इसका जामुन के साथ सेवन करें।

6.कैंसर के उपचार में

जामुन में एंटी कैंसर के गुण भी पाएं जाते हैं। यह कीमोथेरेपी और रेडिएशन में भी फायदेमंद होता है।

7.एनीमिया के उपचार में

जामुन में विभिन्न प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं जैसे कैल्शियम, पोटेशियम, आयरन और विटामिन जो कि हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में खून की कमी हो तो उसे जामुन का सेवन भरपूर मात्रा में करना चाहिये। इससे शरीर में खून का स्तर बढ़ जाता है।

जामुन खाने की सावधानियाँ

  • जैसे जामुन हमारे लिए फायदेमंद है वेसे ही इस का अधिक सेवन नुकसानदायक है।
  • दूध पिलाने वाली महिलाओं को जामुन का सेवन नही करना चाहिए।
  • खाली पेट जामुन खाना ख़तरनाक होता है।
  • जामुन खाने के तुरंत बाद कभी भी दूध नहीं पीना चाहिए।
  • ज़्यादा मात्रा में जामुन खाने से दर्द और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसके साथ ही यह गले और सीने के लिए भी हानिकारक होता है।
  • बहुत अधिक मात्रा में जामुन खाने से खाँसी हो जाती है और यह फेफड़े के लिए हानिकारक साबित होती है।
  • अधिक मात्रा में जामुन खाने से बचना चाहिए क्योंकि अधिक खाने पर यह फायदा करने बजाए आपको नुकसान कर सकता हैं।
  • गले में चिपकने से गला ख़राब हो सकता है।
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