Wednesday, October 23, 2019
अश्वगंधा खाने के कमाल के फायदे

अश्वगंधा खाने के कमाल के फायदे

 

अश्वगंधा एक बहुत फायदेमद औषधी है और ये आयुर्वेदिक औषधी होने के कारण सबसे ज्यादा उपयोगी है. और इसे डॉक्टर्स भी बहुत ही फायदेमंद दवाई मानते है. और अश्वगंधा कई बीमारियों को ठीक करने में भी आपकी मदद करता है. लेकिन इसका उपयोग एक सीमा तक करने पर ही यह फायदेमंद है. अगर इसे सीमा से ज्यादा इसका इस्तेमाल किया जाए तो यह आपके लिए बहुत ही नुकसानदायक भी हो सकती है.

अश्वगंधा एक बलवर्धक रसायन मानी गयी है. इसके गुणों की चिर पुरातन समय से लेकर अब तक सभी विद्वानो ने भरपूर सराहना की है. इसे पुरातन काल से ही आयुर्वेदज्ञों ने वीर्यवर्धक, शरीर में ओज और कांति लाने वाले, परम पौष्टिक व् सर्वांग शक्ति देने वाली, क्षय रोगनाशक, रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ने वाली एवं वृद्धावस्था को लम्बे समय तक दूर रखने वाली सर्वोत्तम वनौषधि माना है. यह वायु एवं कफ के विकारों को नाश करने वाली अर्थात खांसी, श्वांस, खुजली, व्रण, आमवात आदि नाशक है. अश्वगंधा के फायदे व नुकसान

अश्वगंधा के अंदर सबसे ज्यादा रसायन इसके जड़ के अंदर पाया जाता है. कई छेत्रों में अश्वाघंदा की खेती भी की जाती है. अश्वगंधा की जड़ 6000 रूपए प्रति क्विंटल व इसका बीज 50 रूपए प्रति किलो है. इसकी ऊंचाई 170 सेंटीमीटर होती है। यह लाल रंग व टमाटर जैसा होता है.इसे वीर्य व् पौरुष सामर्थ्य की वृद्धि करने, शरीर पर मांस चढाने, स्तनों में दूध की वृद्धि करने, बच्चों को मोटा व् चुस्त बनाने तथा गर्भधारण के निमित व्यापक रूप से प्रयोग किया जाता है.

अश्वगंधा के फायदे बहुत ज्यादा और नुक्सान कम

अश्वगंधा का सेवन करने से प्रजनन में इजाफा होता है. इससे स्पर्म काउंट बढ़ता है और वीर्य भी अच्छी मात्रा में बनता है, अश्वगंधा, शरीर को जोश देता है जिससे पूरे शरीर में आलस्य नहीं रहता है और सेक्स करते समय थकान भी नहीं आती है. जिन लोगों को सेक्स के दौरान थकान होने लगती है, उन्हें अश्वगंधा के सेवन से काफी लाभ मिलता है. अश्वगंधा में जवानी को बरकरार रखने की काफी शक्ति होती है। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाती है.

अश्वगंधा पौधे के पत्ते और इसकी जड़ो को उबाल कर चाय बनाई जाती है जो की स्वास्थ के लिए लाभदायक होता है. और भी कई सारे अश्वगंधा के फायदे है. अश्वगंधा पौधे के पत्ते त्वचा पर होने वाले रोगो से बचाता है. अश्वगंधा के पत्ते शरीर के पर हुए सुजन को कम करता है. अश्वगंधा के पत्ते शरीर पर हुए घाव व किसी प्रकार के जख्म को जल्दी भर कर ठीक कर देते है. अश्वगंधा के चूर्ण को किसी भी तेल में मिला कर शरीर के पर लगाने से चर्मरोग नहीं होता है. और भी कई रोगो को ठीक करने में अश्वगंधा मदद करती है.

जैसे यदि आप इस अश्वगंधा के चूर्ण को दूध घोल करके पीते है तो आपका रक्तचाप नियंत्रण में रहता है. अश्वगंधा का चूर्ण लेने से खांसी ठीक हो जाती है. अश्वगंधा को सुबह शाम लेने से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और अश्वगंधा खाने से आपकी यादद्दाश्त भी बहुत ही तेज हो जाती है. इससे आपको सिरदर्द और माइग्रेन जैसी बीमारीयां भी नहीं होती है. अश्वगंधा का इस्तेमाल दवाई के रूप में कई सालों से हो रहा है. अश्वगंधा पोधे के पते हमारे तव्चा के रोगों से बचाते है. अश्वगंधा शरीर पर सूजन को ठीक व घाव को भरता है.

अश्वगंधा के चूरन को दूध में मिला कर पीने से रक्त चाप ठीक रहता है इसके powder को तेल में मिला कर बॉडी पर लगाने से तव्चा में निखार आता है इसके प्रयोग से हमारी यादास्त बढ़ती है दिमाग मजबूत बनता है.अश्वगंधा के सेवन से यौन शक्ति बढ़ती है. वीर्य की गुणवत्ता बढ़ती है और वीर्य ज्यादा मात्रा में बनता है और इतना ही नहीं अश्वगंधा के फायदे और भी बहुत सारे है जैसे की इसे खाने से आपका शरीर बहुत ही ज्यादा मजबूत हो जाताहै और इससे आपकी रुकी हुई ग्रोथ भी बढ़ जाती है. और हड्डिया भी मजबूत होती है.

यह कद बढ़ाने में भी help करता है, इसके सेवन कैंसर होने का खतरा कम हो जाता है यह मन को शांत रखता है.जो लोग सम्भोग के दौरान जल्दी थक जाते हैं, यह उनके लिए भी एक बहुत हीं प्रभावशाली औषधी है, यह हमारे शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता भी बढ़ाता है. अश्वगंधा को पाए जाने वाले मिनरल्स और विटामिन से हमें तनाव से मुक्त होने में मदद मिलती है. इससे हॉर्मोंस निकलते है जिससे हमें तनाव से मुक्ति मिलती है. अश्वगंधा खाने पर 70 % नींद न आने की समस्या और तनाव पर रहने की समस्या दूर हो जाती है.

असवगंधा टेस्टेस्टोरॉन लेवल बढ़ाने और वीर्य की क्वालिटी बढ़ाने में मदद करता है. एक स्टडी के दौरान पता लगा है कि अगर असवगंधा को 3 महीने तक लगातार लिया जाए तो बच्चे न होने की समस्या से छुटकारा दूर हो जाती है. और अश्वगंधा के फायदे के साथ साथ इसे ज्यादा खाने के नुकसान भी है. इसके अधिक सेवन से नींद आने लगती है. मतलब की आप बहुत ही ज्यादा आलसी हो जाते है और आपका मन केवल और केवल आराम करने के लिए प्रेरित करता है.

और आपको बता दें इसके ज्यादा इस्तेमाल से आपको कई सारी समस्याओं जैसे पेट से, दिमाग से जुडी और शरीर से जुडी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसके अधिक सेवन से पेट रोग होने लगते है अश्वघंदा का अधिक सेवन शरीर को कमजोर करता है गर्भवती महिलाओं को इसका अधिक सेवन नुकसानदायक है. दूसरी मडिसिन भी हमारे शरीर को नहीं लगती है. और इसलिए डॉक्टर्स भी सलाह देते है की इसका इस्तेमाल एक निश्चित समय तक ही करना चाहिए.

 

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2 Comments

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Tinku Sharma August 3, 2019 at 9:16 pm

kamaal ki Post share ki hai aapne balram bhai…aapke kaam ki tareef karna to banta hi hai. thanks.

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